પ્રેમીઓના સપનાનું ઘર શું આવું જ હોતું હશે? – નેહા રાવલ 4
उस किताब में
एक ऐसा सूरज उगे,
जिसकी चिनगारी तुम्हारी फूंकी हुई सिगारेट को जिन्दा कर दे
और मेरे भीतर जल रही आग को हवा दे कर सूरज बना दे,
जिसके उजाले में हम हमारे सारे ख्वाबो को हकीकत में तबदील होते देख सके।
